बहाने नहीं रास्ते खोजिये

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बहाने नहीं रास्ते खोजिये

बहाने नहीं रास्ते खोजिये 

दोस्तों आपने वो “अंगूर और लोमड़ी” वाली कहानी सुनी होगी ना, जिसमें लोमड़ी पहले अंगूर खाने की कोशिश करती है। लेकिन अंगूर ऊँचे होने की वजह से उसका मुँह नहीं पहुँचता और वो बोलती है कि अंगूर खट्टे हैं।

बस वही हाल आज कल हम लोगों का हो गया है। जब हम अपने काम में सफल नहीं हो पाते तो हम बहाने बनाने शुरू कर देते हैं। इन बहानों के सहारे हम खुद को दिलासा देते रहते हैं। आइये चलिए नजर डालते हैं ऐसे ही कुछ अच्छे बहानों पर :-

बहाना 1 :- मेरे पास धन नही….

जवाब :- इन्फोसिस के पूर्व चेयरमैन नारायणमूर्ति के पास भी धन नही था, उन्होंने अपनी पत्नी के गहने बेचने पड़े…..

बहाना 2 :- मुझे बचपन से परिवार की जिम्मेदारी उठानी पङी…..

जवाब :- लता मंगेशकर को भी बचपन से परिवार की जिम्मेदारी उठानी पङी थी….

बहाना 3 :- मैं अत्यंत गरीब घर से हूँ….

जवाब :- पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम भी गरीब घर से थे….

बहाना 4 :- बचपन में ही मेरे पिता का देहाँत हो गया था….

जवाब :- प्रख्यात संगीतकार ए.आर.रहमान के पिता का भी देहांत बचपन में हो गया था….

बहाना 5 :- मुझे उचित शिक्षा लेने का अवसर नही मिला….

जवाब :- उचित शिक्षा का अवसर फोर्ड मोटर्स के मालिक हेनरी फोर्ड को भी नही मिला….

बहाना 6 :- मेरी उम्र बहुत ज्यादा है….

जवाब :- विश्व प्रसिद्ध केंटुकी फ्राइड चिकेन के मालिक ने 60 साल की उम्र मे पहला रेस्तरा खोला था….

बहाना 7 :- मेरी लंबाई बहुत कम है….

जवाब :- सचिन तेंदुलकर की भी लंबाई कम है….

बहाना 8 :- बचपन से ही अस्वस्थ था….

जवाब :- आँस्कर विजेता अभिनेत्री मरली मेटलिन भी बचपन से बहरी व अस्वस्थ थी….

बहाना 9 :- मैं इतनी बार हार चूका, अब हिम्मत नहीं…

जवाब :- अब्राहम लिंकन 15 बार चुनाव हारने के बाद राष्ट्रपति बने….

बहाना 10 :- एक दुर्घटना मे अपाहिज होने के बाद मेरी हिम्मत चली गयी…..

जवाब :- प्रख्यात नृत्यांगना सुधा चन्द्रन के पैर नकली है….

बहाना 11 :- मुझे ढ़ेरों बीमारियां है…..

जवाब :- वर्जिन एयरलाइंस के प्रमुख भी अनेको बीमारियो थी, राष्ट्रपति रुजवेल्ट के दोनो पैर काम नही करते थे…..

बहाना 12 :- मैंने साइकिल पर घूमकर आधी ज़िंदगी गुजारी है….

जवाब :- निरमा के करसन भाई पटेल ने भी साइकिल पर निरमा बेचकर आधी ज़िंदगी गुजारी….

बहाना 13 :- मुझे बचपन से मंद बुद्धि कहा जाता है….

जवाब :- थामस अल्वा एडीसन को भी बचपन से मंदबुद्धि कहा जाता था….

बहाना 14 :- मैं एक छोटी सी नौकरी करता हूँ, इससे क्या होगा….

जवाब :- धीरु अंबानी भी छोटी नौकरी करते थे….

बहाना 15 :- मेरी कम्पनी एक बार दिवालिया हो चुकी है, अब मुझ पर कौन भरोसा करेगा….

जवाब :- दुनिया की सबसे बड़ी शीतल पेय निर्माता पेप्सी कोला भी दो बार दिवालिया हो चुकी है….

बहाना 16 :- मेरा दो बार नर्वस ब्रेकडाउन हो चुका है, अब क्या कर पाउँगा….

जवाब :- डिज्नीलैंड बनाने के पहले वाल्ट डिज्नी का तीन बार नर्वस ब्रेकडाउन हुआ था…..

बहाना 17 :- मेरे पास बहुमूल्य आइडिया है पर लोग अस्वीकार कर देते है…

जवाब :- जेराँक्स फोटो कॉपी मशीन के आईडिया को भी ढेरो कंपनियो ने अस्वीकार किया था, लेकिन आज परिणाम सबके सामने है…..

कुछ लोग कहेंगे कि यह जरुरी नहीं कि जो प्रतिभा इन महानायकों में थी, वह हम में भी हो…..

सहमत हूँ, लेकिन यह भी जरुरी नहीं कि जो प्रतिभा आपके अंदर है वह इन महानायको में भी हो…..

सार….. आज आप जहाँ भी है या कल जहाँ भी होंगे इसके लिए आप किसी और को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते, इसलिए आज चुनाव कीजिए, सफलता और सपने चाहिए या खोखले बहाने???

आपका आने वाला पल व कल मंगलमय हो


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2 Comments

  1. बहुत ही उम्दा बात कही है।

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