Bottom Article Ad

उत्तराखंड राज्य | Uttrakhand

उत्तराखंड भारत का एक उत्तरीय राज्य है। उत्तराखंड: भारत का 26वां और हिमालयी क्षेत्र का 10वां राज्य है (वर्तमान में ) उत्तराखंड को देवभूमि के नाम से भी जाना जाता हैं क्योंकि यहाँ पर हिन्दू देवी-देवताओं के कई सारे मंदिर स्थित हैं। उत्तराखंड राज्य को दो हिस्से गढ़वाल और कुमाऊं में बांटा गया है। 

भारत की संसद द्वारा 3। अक्टूबर 2019 से “जम्मू और कश्मीर राज्य' को दो केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में 'जम्मू और कश्मीर' और 'लह्दाख' में बदलने से पहले, उत्तराखड भारत का 27 वां और हिमालयी क्षेत्र का 11वा राज्य था।

उत्तराखंड राज्य का गठन 
उत्तराखंड राज्य की स्थापना 9 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश राज्य से अलग होकर हुई। उत्तराखंड का नाम पहले उत्तराँचल था। । जनवरी 2007 को इसका नाम बदल कर उत्तराखंड कर दिया गया। उत्तराखंड के पूर्व में नेपाल, पश्चिम हिमाचल, उत्तर में तिब्बत और दक्षिण में उत्तर प्रदेश स्थित हैं। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून ग्रीष्मकालीन मे 'गैरसैंण' है जो कि क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तराखंड राज्य का सबसे बड़ा शहर है। 

वैदिक पुराणों में भी उत्तराखंड का उल्लेख मिलता हैं। हिन्दू शास्त्रों में उत्तराखंड राज्य के कुमाऊँ को मानसखंड और गढ़वाल को केदारखंड के नाम से दर्शाया गया है। पुरातत्व सबूतों के आधार पर यह पता चला है की प्राचीन काल से ही उत्तराखंड में मानवों का वास रहा है। 

उत्तराखंड की भौगोलिक संरचना 

यह भारत का 26वाँ राज्य है, जो 28°43' से 31°27' उत्तरी अक्षांशों  तथा 77°34  से 81°02' पूर्वी देशांतर तक है। इसका सम्पूर्ण क्षेत्रफल 53,483 वर्ग किलोमीटर है, जो देश के कुल क्षेत्रफल का 1.69% है और क्षेत्रफल की ढृष्टी से भारत का 18वाँ राज्य है।

उत्तराखंड के 86 प्रतिशत भाग पर पहाड़ एवं 65 प्रतिशत भाग पर जंगल पाए जाते हैं। स्वतंत्रता के समय भारत में केवल एक ही हिमालयी राज्य “असम” था। उसके बाद जम्मू और कश्मीर दूसरा तथा तीसरा राज्य नागालैण्ड बना ऐसे ही उत्तराखंड 10वाँ हिमालयी राज्य बना।

प्रशासनिक दृष्टी से उत्तराखंड में 13 जनपद हैं। उत्तराखंड की कुल जनसंख्या  1,00,86,349(जनगणना 2011के अनुसार) है, जो कि देश की कुल जनसंख्या का 0.83% है। 

उत्तराखंड राज्य की आधिकारिक भाषा 

उत्तराखंड भारत का एक मात्र ऐसा राज्य है जिसकी आधिकारिक भाषा संस्कृत है। उत्तराखंड राज्य में प्रमुखत: हिंदी भाषा बोली जाती है ये भी आधिकारिक भाषा है। साथ ही कुमाऊँनी तथा गढ़वाली का भी प्रयोग किया जाता है अन्य कई बोलियों का प्रयोग भी होता हैं

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ