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चार धाम यात्रा से पहले ये जान लो 😱

चार धाम यात्रा आरंभ होने वाली है।
मई के आरंभ में कपाट खुल जायेंगे।
बहुत दर्शनार्थी आने वाले हैं।
भीड़ भी बहुत होगी।
भीड़ होगी तो होटल, गेस्ट हाउस, खाना आदि महंगा होगा ही। थोड़ी - बहुत अव्यवस्था होना कोई बड़ी बात नहीं।
हेलीकॉप्टर मिलने में समस्या आएगी।
घोड़े - खच्चर वाले अधिक पैसा भी मांग सकते हैं।
लंबी - लंबी लाइन लगेगी। उसमे से कुछ लोग जुगाड़ के जरिए पहले दर्शन पानी की भी जुगत लगाएंगे।
कुल मिलाकर ऐसी सारी समस्याओं के पीछे सीधे और परोक्ष रूप से मुख्य कारण है 'भीड़'।

यह सब बातें इसलिए बता रहा हूं क्योंकि यदि आप मई - जून में दर्शन करने जा रहे हैं तो तभी जाएं यदि आप पूर्ण रूप से दर्शन भाव से ही जा रहे हों और ऐसे किसी कष्ट की परवाह न करते हों। वैसे भी जो कष्ट हमारे पूर्वज तीर्थ यात्राओं में झेलते थे, उनके सामने तो यह कुछ भी नही। तो, मई - जून में तभी जाना जब मन में केवल भक्ति भाव हो और इन सब समस्याओं के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार हों।

यदि ऐसा नहीं है, तो आपके लिए सर्वोत्तम समय है अक्टूबर से लेकर कपाट बंद होने तक का। तब कमरे, खाना आदि भी कम दाम में मिल जायेंगे, भीड़ भी नही होगी, हेलीकॉप्टर भी मिल जायेगा, खच्चर वाले भी ठीक ठाक रेट लेंगे, दर्शन के लिए जुगाड़ वाले विचार मन में नही आयेंगे।

वरना यदि आप ऐसी किसी समस्या के लिए तैयार नहीं हैं, मन में भक्ति से अधिक Reels हावी है और फिर भी आप मई - जून में जाते हैं... फिर वहां यह सब समस्याऐं देख कर बजाय सही जगह शिकायत करने के यदि आप यूट्यूब / फेसबुक लाइव आकर वहां के लोगों, दुकान वालों, पंडितों, आस्था, मंदिर प्रशासन आदि को कोसेंगे तो फिर आपको सहानुभूति से अधिक ट्रोलिंग ही मिलने वाली है।

थोड़ा कड़वा है लेकिन सत्य है।




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