Bottom Article Ad

हरिद्वार - सम्पूर्ण यात्रा जानकारी ( Haridwar - A Complete Travel Guide )

  सफर  खूबसूरत है मंजिल से भी ज्यादा 

 आज   का हमारा सफर उत्तराखंड के बोहोत ही खूबसूरत शहर जिसको हरी का द्वार  रूप में भी जाना जाता है, जी है आज हम बात कर रहे है हरिद्वार की जो भारत के  सबसे पवित्र स्थलों में से एक है , गंगा के तट पर बचे इस शहर में आपको शांति ,सुकून और आत्मशांति मिलेगी , यहां पर आपको गंगा आरती , मंदिर , आश्रम और कई घाट मिल जाएगी।  हरिद्वार में आप गंगा स्नान का आनंद उठा सकते है ,हरिद्वार  प्राचीन शहर है और यह हिंदुओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में से एक है। पवित्र नदी गंगा यहां हरिद्वार में 157 किलोमीटर बहने के बाद भारत-गंगा के तल में प्रवेश करती है। इसने शहर को इसका प्राचीन नाम गंगाद्वारा दिया, जिसका शाब्दिक अर्थ है 'गंगा का प्रवेश द्वार' , हरिद्वार को हिंदुओं के सात सबसे पवित्र स्थानों में से एक माना जाता है। माना  जाता है   कि अमरता के अमृत की एक बूंद हर की पौड़ी घाट पर गिरी थी, और तब से इसे एक बहुत ही पवित्र स्थान माना जाता है। हरिद्वार भारतीय संस्कृति और विकास का बहुरूपदर्शक प्रस्तुत करता है।  इस पोस्ट में हम आपको इस शहर के tour पर लेके चलेंगे इसके साथ ही कई सारी जानकारिया साझा करेंगे , जो आपको हरिद्वार Trip में काम आएगी /



कैसे पहुंचे हरिद्वार :

Flight  से-

हरिद्वार देहरादून जिले में जॉली ग्रांट हवाई अड्डे के निकट स्थित है। जॉली ग्रांट एयरपोर्ट और हरिद्वार के बीच की दूरी करीब 20 किलोमीटर है। निकटतम महानगर से जॉली ग्रांट हवाई अड्डे के लिए कई उड़ानें हैं दिल्ली  मुंबई, त्रिवेंद्रम और कोलकाता से भी उड़ानें हैं। वैल्यू फॉर मनी पाने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप उसी समय अपना रिटर्न टिकट बुक करें। एयर इंडिया कुछ प्रमुख भारतीय शहरों से जॉली ग्रांट हवाई अड्डे के लिए सस्ती  उड़ानें प्रदान करता है। हरिद्वार पहुंचने के लिए जॉली ग्रांट हवाई अड्डे से कैब ली जा सकती है।


ट्रेन से:-

हरिद्वार में एक अच्छी तरह से बनाए रखा ट्रेन लाइन है और इसमें हरिद्वार जंक्शन है जो इसे देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। हरिद्वार जंक्शन पर नियमित रूप से आने और जाने वाली ट्रेनें हैं। हरिद्वार में ऐसी ट्रेनें भी हैं जो इसे ऋषिकेश से जोड़ती हैं जो उत्तराखंड  एक और महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है ।


सड़क द्वारा:-

हरिद्वार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से 225 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हरिद्वार दिल्ली और उत्तराखंड के अन्य शहरों से अच्छी तरह से रखरखाव और सड़कों के व्यापक नेटवर्क द्वारा अच्छी तरह से सेवा प्रदान करता है। राष्ट्रीय राजमार्ग 334 के माध्यम से दिल्ली से लगभग साढ़े 6 घंटे में हरिद्वार पहुंचा जा सकता है। पहाड़ी उत्तराखंड क्षेत्र में सड़कों का अच्छी तरह से रखरखाव किया जाता है ताकि एक स्थान से दूसरे स्थान पर सुरक्षित  आवाजाही हो सके। 

हरिद्वार में देखने के लिए 

1 . हर की पौड़ी - हरिद्वार के सबसे पवित्र स्थलों में  से एक है , इस घाट को पवित्र गंगा नदी का निकास बिंदु माना जाता है , हर की पौड़ी के ब्रह्मकुंड  को विशाल  गंगा आरती  के  लिए और दुनिया का सबसे बड़ा मेला कुंभ भी यही लगता है | 

2 . मनसा देवी मंदिर -  मनसा  देवी मंदिर हरिद्वार के सबसे प्रतिष्ठित मंदिरो में से एक है , यह बिल्व पर्वत पर स्थित  है, मनसा देवी मंदिर एक प्रसिद्ध सिद्धपीठ है और मंदिर से शहर का अध्भुत मनोरम दृश्य दिखाई देता है | 

3.चंडी देवी - चंडी देवी मंदिर हरिद्वार में निल पर्वत में बहुत ही लोकप्रिय मंदिर है , माना जाता है की शहर से 4 किलोमीटर की दुरी पर स्थित इस मंदिर को आदि शंकराचार्य ने  8वी शताब्दी में बनवाया था , वर्तमान में मंदिर को कश्मीर के राजा द्वारा बनाया गया था | 


4 . ॐ ब्रिज - ॐ ब्रिज हरिद्वार  का मुख्य स्थल में से एक है ये हर की पौड़ी से थोड़ी दुरी पर स्थित है जिसमे आपको ओम बड़ा सा लिखा मिल जायेगा | 




5 . चंडी घाट - चंडी माता  के दर्शन  से पहले ही आता है इसलिए इसे चंडी घाट के नाम से जाना जाता है , यह बहुत ही सुन्दर जगह है यहाँ  पर आप  प्रकृति  और गंगा दर्शन का आननद ले सकते है | 



6 . पावन धाम - ये हर की पौड़ी से थोड़ी दुरी पर है   लेकिन ये कांच से बना हुआ अद्धभूत और  पावन मंदिर है 

7 . शांतिकुंज आश्रम - शांतिकुंज आश्रम हरिद्वार का प्रसिद्ध आश्रम है , दुनिया भर से लोग आध्यात्मिक और नैतिक ज्ञान की तलाश में इस आश्रम में आते है , यह हर की पौड़ी से 5  किलोमीटर की दुरी पर स्थित है और यह पर दलाई लामा भी आते है | 

8 . स्वामी विवेकानंद पार्क, महादेव जी स्टेचू  - ये हर की पौड़ी के बिलकुल ही नज़दीक ही है यहाँ पर आपको जाना बनता है 

कुछ और जगह जहां पर आप जा सकते है। 

  • वैष्णोदेवी मंदिर 
  • भारत माता मंदिर 
  • सपत ऋषि आश्रम 
  • मायादेवी मंदिर 
  • पार्थ शिवलिंग 
  • दक्ष प्रजापति महादेव 
  • पतंजलि योगपीठ 
  • राजाजी नेशन पार्क 
  • भीमगोड़ा टाँक 
  • कनखल 
  • स्वामी विवेकानंद पार्क 

धन्यवाद 










एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ